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केसर और अमेरिकन केसर के नाम पर कुसुम की खेती

Written by Bheru Lal Gaderi

 कहीं कुसुम की खेती तो नहीं कर रहे आप?

प्रदेश में कई किसानों को जानकारी के अभाव में केसर और अमेरिकन केसर के नाम पर छला जा रहा हैं।

केसर और अमेरिकन केसर

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नाम केसर का और बीज कुसुम के:-

किसानों को केसर उगाकर अच्छे दामों में बेचने के सपने दिखाकर कुसुम के बीज बेचे जा रहे हैं। किसान भी कई कई महीनों तक कुसुम के पौधों को पाल-पोस कर बड़ा करता है और जब इसके फूलों के पराग को बाजार में बेचने जाता है तो वह अपने आप को ठगा सा महसूस करता है। कुसुम (सेफ्लावर) का वैज्ञानिक नाम कारथेमस  है। इससे प्राप्त तेल एवं रंग का उपयोग साबुन, वार्निश व पेंट बनाने में होता है।

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केसर व कुसुम में अंतर जानना जरूरी है:-

  • केसर की फसल ठन्डे स्थानों पर होने वाली फसल है।
  • जबकि कुसुम की खेती किसी भी स्थान पर आराम से हो सकती है।
  • केसर के एक फूल पर केवल तीन ही पराग आते हैं।
  • वही कुसुम के पौधे में कई पराग आते हैं।
  • केसर का फूल जमीन से कुछ ही इंच की ऊंचाई पर विकसित होता है।
  • जबकि कुसुम भूमि से कई फुट की ऊंचाई तक बढ़ जाता है।

अतः सभी किसान भाइयों से निवेदन है कि केसर की खेती के लिए जिस तरह का वातावरण एवं जलवायु चाहिए वह केवल कश्मीर में ही उपलब्ध है। इस तरह के किसी भी झांसे में ना आए और पैसे और श्रम को व्यर्थ न जाने दे। अगर आपको खेती में किसी भी प्रकार का नवाचार करना है तो अपने क्षेत्र के कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार ही खेती में नवाचार करे और किसी भी प्रकार के छल कपट से बचें।

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स्रोत :-

राजस्थान पत्रिका

पेज – एग्रोटेक 04

Date – 05-04-2018

About the author

Bheru Lal Gaderi

नमस्ते किसान भाइयों मेरा नाम भेरू लाल गाडरी है। इस वेबसाईट को बनाने का हमारा मुख्य उद्देश्य किसान भाइयों को खेती-किसानी, पशुपालन, विभिन्न कृषि योजनाओं आदि के बारे में जानकारी प्रदान करना है।