खेती-बाड़ी संरक्षित खेती

खीरा की पॉली हाउस में उन्नत खेती एवं उत्पादन तकनीक

खीरा की पॉली हाउस में उन्नत खेती
Written by Bheru Lal Gaderi

खीरा(Cucumber farming)मुख्यतयाः गर्म मौसम की फसल है, लेकिन पॉली हाउस में खीरा की खेती सालभर की जा सकती है। खीरा कि उत्पादन तकनीक इस प्रकार हैं।

खीरा की पॉली हाउस में उन्नत खेती

खीरा की उन्नत किस्में:-

सेटिश, कियान, इनफाइनिटी, हिल्टन, मल्टीस्टार, डायनेमिक, काफ्का आदि।

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तापमान एवं आद्रता:-

खीरा गर्म मौसम की फसल हैं। खुले वातावरण में इसकी खेती फरवरी-मार्च से लेकर सितंबर तक की जा सकती है।

ग्रीन/पॉली हाउस में खीरे की खेती सालभर की जा सकती है इसके अंकुरण के लिए 20 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त रहता है तथा पौधों की वृद्धि एवं विकास के लिए 22 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल रहता है। अपेक्षित आर्द्रता 70-80% उपयुक्त रहती है।

नर्सरी तैयार करना:-

सामान्यतया खीरे की सीधी बुवाई की जाती है परंतु पॉली हाउस में फसल सघनता बढ़ाने के लिए प्रो-ट्रे में पौध तैयार की जाती है। खीरे की पौध मौसम के अनुसार 12 से 15 दिन में तैयार हो जाती है। जब पौधे में बीजपत्रों के अलावा दो पत्तियां आ जाती हैं तब पौधा स्थानांतरण योग्य माना जाता है।

क्यारियाँ तैयार करना एवं रोपाई करना:-

क्यारियों की ऊंचाई 30 सेमी चौड़ाई 1 मीटर एवं लंबाई पॉली हाउस के आकार के अनुसार रखी जाती है। 2 बेड के बीच में 60 से.मी. पाथ रखा जाना चाहिए।

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खीरा के पौधों की ट्रेनिंग व कृन्तन:-

अन्य कद्दूवर्गीय फसलों की तरह खीरा भी रेंगने वाली लताए होती हैं, एवं पौधों की वृद्धि के साथ-साथ सहारा नहीं मिलने पर पौधे रोपण के 15 दिन बाद पौधे से धागाकार/ तंतु संरचनाएं निकलती है। इस समय से पौधे को सहारे की आवश्यकता होती है। अतः धागे/ तंतु लटकने से पहले पौधे को सुतली की सहायता से ऊपर की ओर सहारा दिया जाता है। पौधों की वृद्धि शीघ्र होती है इसलिए सप्ताह में दो बार पौधे की ट्रेनिंग करनी चाहिए। मुख्य तने से निकलने वाली फुटानों एवं पुरानी पत्तियों को भी समय-समय पर हटाते रहना चाहिए।

तुड़ाई एवं उपज:-

पौधरोपण के 30 से 35 दिन बाद पहली तुड़ाई की जाती है, तत्पश्चात अगले 60 दिन तक लगातार तुड़ाई की जा सकती हैं। प्रति पौधा 20-25 फल लगते हैं जिनका वजन लगभग 4 किलो होता है। इस प्रकार प्रति 1000 मीटर क्षेत्र से लगभग 100 क्विंटल उत्पादन हो जाता है।

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Bheru Lal Gaderi

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