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गोभी की दो नई किस्में जो लड़ेगी कैंसर से

Written by Bheru Lal Gaderi

किसान उगा सकेंगे कैंसर से लड़ने वाली गोभी:-

मौसमी (सीजनल) सब्जी गोभी की बारह मासी किस्म विकसित करने के बाद अब कृषि वैज्ञानिकों ने इसकी दो ऐसी किस्में विकसित की है, जो कैंसर से बचाने में सहायक हो सकती हैं।

गोभी

साथ ही कैल्शियम से भरपूर होने के कारण हड्डियों को भी मजबूत बनाती हैं। वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) के वैज्ञानिकों ने गोभी की इन प्रजातियों को विकसित किया है।

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किस्मों के नाम:-

इन नई विकसित उन्नत किस्मों को वीआरसीएफ- 50 और वीआरसीएफ- 86 नाम दिया गया है।

खेती के लिए जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे बीज:-

संस्थान का कहना है कि इन प्रजातियों के बीज किसानों को जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे।

कैंसर से बचाएगी ये किस्में:-

आईआईवीआर के कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इन किस्मों में कैंसर रोधी तत्व ग्लूकोसाईनोलेट (सल्फर कंपाउंड) में पाया जाता है। दोनों प्रजातियों में भी को ग्लूकोसाईनोलेट अन्य किस्मों की अपेक्षा काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो लोगों को कैंसर से बचाने में सहायक हो सकता है।

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हड्डियों को करेगी मजबूत:-

इसके अलावा इन प्रजातियों में कैल्शियम की मात्रा भी अन्य प्रजातियों की अपेक्षा अधिक हैं, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है।

जल्दी खराब नहीं होती हैं यह गोभी:-

इन प्रजातियों की गोभी जल्दी खराब नहीं होती हैं। यह नई किस्में देसी की तुलना में काफी ठोस होती हैं। इसलिए आम गोभी के मुकाबले यह दोगुने तिगुना समय तक ठीक रहती है।

ऐसे में इसे दूर दराज के इलाकों में भेजने में भी मुश्किल नहीं होगी। देसी गोभी आमतौर पर खेत से तोड़ने के 3 से 4 दिन में खराब हो जाती हैं। जबकि इन दोनों किस्मों की गोभी हफ्ते भर से ज्यादा ठीक-ठाक बनी रहती है।

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स्रोत:-

राजस्थान पत्रिका

Date – 12-03-2019

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Bheru Lal Gaderi

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