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गोभी सरसों की उन्नत खेती एवं उत्पादन तकनीक

गोभी सरसों
Written by Bheru Lal Gaderi

यह गोभी सरसों है:-

जी हां यह गोभी सरसों (Gobhi sarson) ही है । हमारे देश में सरसों की बहुत सारी प्रजातियां है जो एक से बढ़कर एक उपज देने वाली और तेल की मात्रा में भी भरपूर । पर आश्चर्य तो तब होता है जब हमारे के कृषि बैज्ञानिक और सरकार फिर भी jm सरसो लाना चाहते है।

गोभी सरसों

चित्र में गोभी के पौधे सा दिखने वाले इस “गोभी सरसों” को एक माह तक खेत में लगे इसके पौधे को लोग गोभी ही समझते है । सरसों तब मालुम पड़ता है जब इसमें शाखाएं आनी शुरू होती है ।

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किसान ने की विकसित:-

इस सरसों को पंजाब के एक किसान ने देसी सरसों से बीज चुन कर विकसित किया है । पर भध्य प्रदेश में इसका अधिक विस्तार नही हुआ। इसका रोपा लगाया जाता है जिसकी पूरी तकनीक है।

यदि श्री (sri) पद्दति से इसका रोपा लगाया जाए तो प्रति एकड़ 10,,12 क्विंटल तक उपज हो सकती है।

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रोपा तकनीक:-

  1. इस की रोपा तकनीक इस प्रकार है।
  2. एक एकड़ के लिए 50 ग्राम बीज 10×3 फीट की क्यारी में बोया जाए। बोने के पहले एक टोकनी सड़ी गोवर की खाद मिला क्यारी में पानी लगा कर तर कर दिया जाय फिर सरसों की बोनी कर हल्की मिटटी मिश्रित गोवर की खाद से ढक दिया जाय।
  3. बीज नवम्बर के प्रथम सप्ताह में बोना अच्छा रहता है पर चित्र में प्रदर्षित पौधे का बीज हमने 16 नवम्बर को बोया था और 5 दिसम्बर को नर्सरी से उखाड़ कर रोपा लगाया था।
  4. रोपा लगाने के पहले खेत की दो बार जुताई की जाय।
  5. कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी दो फीट रखी जाए ।
  6. रोपा लगाने के पहले प्रति एकड़ सात आठ कुन्टल सड़ी भुरभरी गोवर की खाद में 5 प्रतिसत के हिसाब से राख और एक किलो सूखा चूना मिला कर प्रति पौधे के लगाये जाने वाले स्थान पर एक अंजली उपरोक्त खाद डाली जाए।
  7. गोबर खाद डालने के पश्चात पौधे को रोप कर हलकी सिचाई करदी जाय। यह हल्की सिचाई तब तक हो जब तक पौधा अच्छी तरह लग न जाय। उसके बाद सीधे खेत में बैठा पानी भी छोड़ा जा सकता है।
  8. लगाने के 12 से15 दिन बाद पौधे के चारो ओर निराई की जाय।
  9. जब खेत सीचने लायक हो तो सिचाई भी करते रहना चाहिए।
  10. एक माह बाद पौधे के चारो और गोड़ाई कर मिट्टी चढा दी जाय।
  11. रोपाई के 20 दिन बाद जीवामृत खाद दी जाय।

गोभी सरसों की उपज:-

इस तरह गोभी सरसों की खेती करने से प्रति एकड़ 10 से 12 कुन्टल उपज ली जा सकती है।

लगभग एक एकड़ में लगाने के बाद भी हमारी नर्सरी में अभी भी बहुत सारे पौधे है। यदि नजदीक के किसान भाई लगाना चाहे तो निःशुल्क लेजाकर अगले वर्ष के लिए बीज तैयार कर सकते है।

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Bheru Lal Gaderi

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