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मेहसाणा भैंस की पहचान एवं विशेषताएं

मेहसाणा भैंस की पहचान एवं विशेषताएं
Written by Vijay Dhangar

भारतीय अर्थव्यवस्था में भैंस पालन की मुख्य भूमिका है। इसका प्रयोग दुग्ध उत्पादन एंव खेती के कार्यों में होता है। और डेरी व्यवसाय के लिहाज से भी भैंस पालन उत्तम माना जाता है। मेहसाणा भैंस (Mahesana Buffalo) भारत की प्रमुख भैंस नस्लों में से एक है। इस नस्ल का मूल उत्पत्ति स्थान उत्तर गुजरात का मेहसाणा जिला है।

मेहसाणा भैंस गुजरात राज्य में पाए जाने वाली एक प्रसिद्द नस्ल है। गुजरात राज्य के मेहसाणा जिले में उत्पन्न होने के कारण इसे मेहसाणा या मेहसानी नाम से भी जाना जाता है। मेहसाणा नस्ल गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा, अहमदाबाद और गांधीनगर जिलों में पाई जाती हैं। यह एक संकर नस्ल हैं, जो मुर्रा x सुरती के क्रॉस से बनाई गई है।

मेहसाणा भैंस की शारीरिक पहचान

इस नस्ल की भैंस काले, भूरे और सलेटी रंग में पायी जाती है। इसका शरीर मुर्रा भैंस की तुलना में बड़ा होता है, लेकिन वजन उससे कम होता है। सींग आमतौर पर सुरति नस्ल की भांति लम्बी दरांती के आकार और मुर्रा नस्ल की भांति घुमावदार पाए जाते हैं क्योंकि यह नस्ल मुर्रा और सुरति नस्ल की संकर नस्ल हैं तथा इसके थन व पिछला धड़ मुर्रा के समान पाया जाता हैं।

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प्रमुख विशेषताएँ

मेहसाणा भैंस अपनी अच्छी प्रजनन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि इसका दूधकाल लम्बा तथा दूधहीन काल छोटा होता हैं। इसलिए यह भैंस व्यावसायिक डेयरी फार्म की दृष्टि से उत्तम मानी जाती हैं।

वजन

इसके नर का औसत वजन 560 किलोग्राम और मादा का वजन 480 किलोग्राम के आसपास होता है।

दूध उत्पादन

मेहसाना का प्रथम ब्यांत का औसत समय 42-48 महीने का होता है। इसका प्रसव अंतराल 10-31 महीने का होता है। मेहसाना भैंस प्रतिदिन 5 – 8 लीटर तक दूध देती हैं, अच्छा प्रबंधन और उच्च पोषण के साथ, ये भैंसे प्रतिदिन 10 लीटर तक दूध दे सकती हैं।

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